वो दिन बीत गये,
वो रात बीत गयी
छोटी सी हमारी मुलाकात बीत गयी...
यादों के इस झरोखे में
हमारी तुम्हरी बात बीत गयी..
वो हमारा मिलना
और सांझ का ढालना
लगता है जैसे
अब जलती हुई आग बीत गयी
बारिश की उन बूंदों से
सुखी हुई एह्सांसों की
हर अरमान सिल गयी
हाँ! अब तो लगता है जैसे
हमारे प्यार की बात बीत गयी..

No comments:
Post a Comment